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  • शैक्षिक उन्नयन

    कठिन विषय जैसे विज्ञान, गणित, एकाउन्ट, अंग्रेजी के प्रतिदिन दो वादनों के अध्यापन की व्यवस्था








  • श्रेष्ठ अनुशासन

    अध्ययन, खेलकूद, सामूहिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग कराते हुए अनुशासित रहने का प्रयास करना।








  • राष्ट्रीयता का विकास

    छात्रों में देश प्रेम व समाज सेवा का भाव जगाने के लिये विद्यालय में रा0 से0 यो0 (N.S.S.) प्रारम्भ किया।

सर्वांगीण विकास

छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु निम्न प्रयास किये जा रहे हैं:-

शैक्षिक उन्नयन
  • कठिन विषय जैसे विज्ञान, गणित, एकाउन्ट, अंग्रेजी के प्रतिदिन दो वादनों के अध्यापन की व्यवस्था।
  • प्रश्न बैंक की स्थापना कर सभी को संबंधित विषय के प्रश्नों तथा उनके उत्तरों के माध्यम से शैक्षिक ज्ञान बढ़ाना।
  • कठिन विषयों मे छात्रों को आने वाली कठिनाईयों को दूर करने के लिए विद्यालय में अवकाश के पश्‍चात उपचारात्मक कक्षाएं चलायी जाती है।
  • छात्रों को स्वाध्याय के लिए प्रेरित करने हेतू और स्वाध्याय का अभ्यास कराने के लिए कृष्ण बिहार स्थल (K.V.S.) के रूप मे मनोरम पार्क विकसित किया गया है।

श्रेष्ठ अनुशासन
  • अनुशासित जीवन ही सफल जीवन है इस मंत्र केा अंगीकार करना।
  • समय पालन (विद्यालय समय पर आना, निर्देशित समयानुसार सभी कार्यों को सम्पादित करना)
  • एकरूपता क्रम में विद्यालय, ड्रेस कोड के पालन कराने में कठोरता का भाव भी लाना। साथ ही छात्रों में सादा जीवन उच्च विचार की भावना का संचार कराना।
  • अध्ययन, खेलकूद, सामूहिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग कराते हुए अनुशासित रहने का प्रयास करना।

राष्ट्रीयता का विकास
  • छात्रों में देश प्रेम व समाज सेवा का भाव जगाने के लिये विद्यालय में रा0से0यो0 (N.S.S.) प्रारम्भ किया।
  • असेम्बली में प्रति सप्ताह महापुरूषों के प्रेरक प्रसंगों व देशभक्ति गीतों का गायन व वाचन करना।
  • छात्रों को श्रंगार के स्थान पर संस्कार के लिये प्रेरित करना।
  • विद्यालय को राष्ट्रीय विभूतियों की कृतियों, क्रिया कलापों से अवगत कराते हुये राष्ट्रभाव हृदयंगम कराना।
  • ‘‘महापुरूषों को जानों स्वयं को पहचानों’’ के अन्तर्गत प्रत्येक वर्ष प्रत्येक कक्षा में एक महापुरूष के जीवन पर आधारित पुस्तक प्रदान कर पुरस्कारजन्य प्रतियोगिता का आयोजन कराना।

शारीरिक विकास
  • स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है इस उक्ति को जीवन में ढालने का प्रयास कराया जाता है।
  • प्रति सप्ताह दो दिवस सामूहिक अनिवार्य व्यायाम का आयेाजन किया जाता है।
  • परस्पर सदनान्तर्गत विभिन्न खेलों का आयोजन प्रतियोगिता रूप में कराया जाता है।
  • अन्तर्सदनीय खेल प्रतियोगितायें सम्पन्न करायी जाती है।
  • समय-समय पर मेडिकल चेकअप कराया जाता है।
  • येाग और प्राणायाम की जानकारी भी दी जाती है।

व्यक्तित्व विकास
  • वदन प्रतिभा के उदीयमान छात्रों को विभिन्न वाद्य यन्त्रों का वादन सिखाया जाता है।
  • गायन-लेखन-नृत्य विधाओं के प्रति छात्रों में प्रोरणा जगाते हुए उनको इन विधाओं में प्रवीण कराया जाता है।
  • कला, सुलेख जैसी अन्य विधाओं में छात्रों को परिमार्जित करने का सतत् प्रयास रहता है।
  • कक्षा प्रमुख, व्यवस्था प्रमुख, फर्नीचर प्रमुख, वन्दना प्रमुख, अनुशासन प्रमुख आदि के दायित्व देकर छात्रों में नेतृत्व के गुण विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

सामान्य ज्ञान
  • प्रतियोगिी परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान का अत्यधिक महत्व है। इसलिए रीडिंग रूम में सामान्य ज्ञान से सम्बन्धित विभिन्न पत्रिकाएं छात्रों को स्वतन्त्र रूप से पढ़ने को दी जाती है।
  • छात्रों में समाचार पत्र पढ़ने की रूचि पैदा करने के लिये डिस्प्ले बोर्ड की व्यवस्था की गयी है।
  • क्विज प्रतियोगिता का आयेाजन समय-समय पर किया जाता है।

कम्प्यूटर

वर्तमान युग के प्रत्येक क्षेत्र में कम्प्यूटर का ज्ञान आवश्यक है। इस हेतु-

  • पर्याप्त कम्प्यूटर से सुसज्जित दो लैब स्थापित हैं।
  • सभी छात्रों को कम्प्यूटर शिक्षा हेतु वादन व्यवस्था की गयी है।
  • योग्य शिक्षकों द्वारा प्रतिदिन कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जाता है।

सौन्दर्यीकरण
  • विद्यालय पुष्प वाटिका को आकर्षक सुन्दर बनाये रखा जाता है।
  • समुचित स्थानों पर ध्येय वाक्यों का लेखन किया गया है।
  • विद्यालय वेश को आकर्षक रखा गया है।
  • कक्षा सज्जा क्रम को प्रतियोगी भाव में लाकर छात्रों के द्वारा कक्षा सज्जित करायी जाती है।

स्वावलंबन
  • स्वावलंबन का भाव परानुमुखी होने की प्रवृत्ति से विलग रखता है इस हेतु विद्यालय का प्रयास रहता है। कि सभी छात्र अपने तथा विद्यालय के कार्य स्वयं ही करें ऐसी प्रेरणा विद्यालय में दी जाती है।


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